नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को रिपब्लिक शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत किसी भी परिस्थिति में जल्दबाजी में फैसले नहीं लेता। उन्होंने कहा कि देश केवल आज की चुनौतियों से निपटने के लिए नहीं, बल्कि आने वाले 1000 वर्षों का भविष्य तैयार करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, खाद्य आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। ऐसे समय में भारत धैर्य, संयम और दूरदर्शिता के साथ अपने फैसले ले रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की नीतियां राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं और सरकार हर परिस्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

पीएम मोदी ने कहा, “हम ऐसे देश नहीं हैं जो पल भर के दबाव में निर्णय लें। हम अगले 1000 वर्षों का भविष्य लिख रहे हैं।” उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनसे देश की आर्थिक और रणनीतिक क्षमता मजबूत हुई है। ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने अपने स्रोतों का विस्तार किया है और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को भी बढ़ाया है, ताकि किसी वैश्विक संकट की स्थिति में देश पर कम से कम असर पड़े।

प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि भारत का मानना है कि किसी भी समस्या का समाधान केवल सैन्य संघर्ष से नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के पक्ष में रहा है तथा पश्चिम एशिया और अन्य क्षेत्रों में शांति बहाली के हर प्रयास का समर्थन करता रहेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों तथा राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। पीएम मोदी ने देशवासियों से भी सतर्क और तैयार रहने की अपील करते हुए कहा कि भारत ने पहले भी कठिन परिस्थितियों का सफलतापूर्वक सामना किया है और आगे भी एकजुट होकर हर चुनौती को पार करेगा।