
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। 38 वर्षीय रहाणे ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने दो दशक लंबे क्रिकेट करियर को विराम देने का फैसला सुनाया। इसके साथ ही उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से भी संन्यास लेने का ऐलान किया।
अपने संदेश में रहाणे ने लिखा, “कैप नंबर 278, अब यहीं विराम। वर्षों तक मिले प्यार और समर्थन के लिए आप सभी का धन्यवाद। मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा।” उन्होंने अपने परिवार, साथियों, कोच, प्रशंसकों और भारतीय क्रिकेट से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
अजिंक्य रहाणे भारतीय क्रिकेट के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में रहे, जिन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों प्रारूपों में टीम इंडिया की कप्तानी की। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने छह मैचों में कप्तानी की, जिसमें भारत ने चार मुकाबले जीते जबकि दो मैच ड्रॉ रहे। खास बात यह रही कि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में एक भी हार का सामना नहीं करना पड़ा।
रहाणे के करियर का सबसे यादगार पल 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आया। एडिलेड टेस्ट में हार और विराट कोहली की अनुपस्थिति के बाद उन्होंने टीम की कमान संभाली। मेलबर्न टेस्ट में शानदार शतक जड़कर भारत की वापसी कराई और बाद में युवा खिलाड़ियों से सजी टीम को ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऐतिहासिक जीत दिलाते हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2-1 से अपने नाम कराई। यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है।
रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। उन्होंने तीनों प्रारूपों में कुल 8,414 रन बनाए, जिसमें 15 शतक और 51 अर्धशतक शामिल हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 5,077 रन और 12 शतक दर्ज हैं। आईपीएल में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स, राजस्थान रॉयल्स, दिल्ली कैपिटल्स, मुंबई इंडियंस और राइजिंग पुणे सुपरजायंट जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया।





