गुरुग्राम: पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सेंट्रल पार्क रिसॉर्ट्स ने गुरुग्राम के सेक्टर-48 स्थित सेंट्रल ग्रीन्स में रेनवाटर हार्वेस्टिंग (RWH) सिस्टम का लाइव प्रदर्शन और मॉक-ड्रिल आयोजित की। यह कार्यक्रम हरियाणा सरकार के शहरी विकास विभाग के मुख्य सलाहकार के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) के अधिकारियों के साथ-साथ 30 ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWA) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान बारिश के पानी के संग्रह, फिल्टरिंग और भूजल पुनर्भरण की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। सेंट्रल पार्क की इंजीनियरिंग टीम ने रेनवाटर हार्वेस्टिंग रिचार्ज पिट्स का निरीक्षण, गाद और कचरे की सफाई, फिल्टर मीडिया बदलने और मानसून से पहले की जाने वाली तैयारियों का प्रदर्शन किया। इसके अलावा कलेक्शन पाइपलाइन, इनलेट गेट, फर्स्ट-फ्लश डाइवर्टर और कैचमेंट एरिया की कार्यक्षमता की भी जांच की गई ताकि मानसून के दौरान सिस्टम बिना किसी बाधा के काम कर सके।

सेंट्रल पार्क ने यह भी बताया कि उसकी जल संरक्षण व्यवस्था सेंट्रल ग्राउंड वॉटर बोर्ड (CGWB) और GMDA के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विकसित की गई है। कार्यक्रम में जल संरक्षण से जुड़ी जागरूकता गतिविधियों और निवासियों की भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों को भी प्रदर्शित किया गया।

सेंट्रल पार्क के प्रेसिडेंट (प्रोजेक्ट) विक्रम सिंह ने कहा कि भविष्य का रियल एस्टेट केवल आधुनिक सुविधाओं और बेहतर निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल और जल संरक्षण को बढ़ावा देने वाले प्रोजेक्ट्स की मांग भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि रेनवाटर हार्वेस्टिंग जैसी प्रणालियां अब आधुनिक कम्युनिटी प्लानिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं।

इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि डेवलपर्स, सरकारी संस्थाएं, हाउसिंग सोसायटियां और निवासी मिलकर जल संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से हासिल कर सकते हैं। साथ ही यह पहल अन्य डेवलपर्स के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है कि बेहतर रखरखाव और आधुनिक तकनीक के जरिए पर्यावरण के अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा सकता है।