
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की हालिया टिप्पणियों पर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने राहुल गांधी के बयान और उनके बोलने के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि विपक्ष के नेता के पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जाती।
राहुल गांधी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है और सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी।
राहुल गांधी की इन टिप्पणियों के बाद बीजेपी नेताओं ने उन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी भाषा राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है। बीजेपी की ओर से राहुल गांधी को लेकर यह भी कहा गया कि वे गंभीर विपक्षी नेता के बजाय एक ऐसे व्यक्ति की तरह नजर आ रहे हैं जो राजनीतिक मुद्दों को हल्के अंदाज में पेश कर रहा है।
बीजेपी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जनता ने लगातार तीन बार चुना है और ऐसे में उनके खिलाफ इस्तेमाल की जाने वाली भाषा करोड़ों मतदाताओं के जनादेश का भी अपमान है।
इस बीच, संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव भी जारी है। बीजेपी सांसद विनोद तावड़े ने संसद की कार्यवाही बाधित होने को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘रील मास्टर’ तक कहा और आरोप लगाया कि विपक्ष के विरोध के कारण संसदीय कामकाज प्रभावित हो रहा है।
राहुल गांधी की ओर से सरकार पर बेरोजगारी, महंगाई, छात्रों के मुद्दों और राष्ट्रीय सुरक्षा समेत कई विषयों को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, बीजेपी इन आरोपों को राजनीतिक हमला बताते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी की रणनीति पर सवाल खड़े कर रही है।
राहुल गांधी की ताजा टिप्पणियों ने एक बार फिर सत्तारूढ़ बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर और गरमाने की संभावना है।





