
नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पहली बार विस्तार से बात करते हुए कहा है कि भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर भारत जोखिम उठाने और कड़ा जवाब देने की क्षमता रखता है।
डिस्कवरी की दो हिस्सों वाली डॉक्यूमेंट्री ‘Declassified: Operation Sindoor’ में डोभाल ने बताया कि 88 घंटे चले इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य उन दुश्मन ठिकानों को नष्ट करना था, जो विशेष रूप से पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन का लक्ष्य स्पष्ट था और कार्रवाई उसी उद्देश्य के अनुरूप की गई।
डोभाल ने भारत की रणनीतिक नीति को लेकर कहा कि देश की शांति और संयम को कमजोरी समझना बड़ी भूल होगी। उनका संदेश था कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी जोखिम उठाने तथा जरूरत पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
डॉक्यूमेंट्री में ऑपरेशन सिंदूर की योजना और उसके क्रियान्वयन से जुड़े कई पहलुओं को भी दिखाया गया है। इसमें खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी, लक्ष्यों की पहचान, सैन्य तैयारियों और अलग-अलग परिस्थितियों के लिए किए गए अभ्यासों का उल्लेख है। ऑपरेशन के दौरान सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच समन्वय तथा वास्तविक समय में लिए गए फैसलों को भी इसमें शामिल किया गया है।
पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भी डॉक्यूमेंट्री में पहलगाम हमले को लेकर कहा कि भारत ने ऐसे खतरों के सामने झुकने का फैसला नहीं किया था। उन्होंने यह भी कहा कि किसी संघर्ष को शुरू करने के साथ-साथ यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि उसे कब समाप्त करना है।
ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाते हुए कार्रवाई की थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच करीब 88 घंटे तक सैन्य तनाव रहा और 10 मई को तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।
डोभाल के ताजा बयान को भारत की सुरक्षा नीति और ऑपरेशन सिंदूर के पीछे की रणनीतिक सोच को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका संदेश स्पष्ट है कि भारत का संयम उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी रणनीतिक क्षमता का हिस्सा है और जरूरत पड़ने पर देश निर्णायक कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।





