Weather News: पर्यावरण थिंक टैंक CEEW (Council on Energy, Environment and Water) की ताज़ा रिपोर्ट ने भारत में जलवायु परिवर्तन को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार आने वाले समय में देश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और हर साल गर्म दिनों की संख्या लगातार बढ़ती जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव केवल सामान्य मौसम परिवर्तन नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है, जो आने वाले वर्षों में और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।

CEEW की रिपोर्ट के अनुसार, दिन के समय ही नहीं बल्कि रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होगी। देश के कई इलाकों में 20 से 40 दिनों तक “गर्म रातों” की संख्या बढ़ सकती है, जिससे लोगों के शरीर को पर्याप्त आराम और ठंडक नहीं मिल पाएगी। इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ सकता है और हीट स्ट्रेस जैसी समस्याएं बढ़ने की आशंका जताई गई है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आने वाले समय में महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में न केवल गर्मी बल्कि बारिश के पैटर्न में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में 10 से 30 दिनों तक अतिरिक्त गर्मी और असामान्य बारिश की स्थिति बनने का अनुमान है, जिससे मौसम की अनिश्चितता और बढ़ जाएगी।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लगातार बढ़ती गर्मी के कारण शरीर को ठंडा होने का समय नहीं मिलेगा, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। इसका असर सिर्फ आम लोगों के जीवन पर ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था और उत्पादकता पर भी पड़ सकता है। कामकाजी घंटों में गिरावट और स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ता दबाव देश की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

शहरी क्षेत्रों में पहले से मौजूद अर्बन हीट आइलैंड (Urban Heat Island) प्रभाव के कारण स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, क्योंकि यहां कंक्रीट संरचनाओं और कम हरियाली की वजह से तापमान पहले ही अधिक रहता है।

कुल मिलाकर, CEEW की यह रिपोर्ट स्पष्ट रूप से संकेत देती है कि भारत जलवायु परिवर्तन के एक गंभीर दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां बढ़ती गर्मी, गर्म रातें और बदलता बारिश का पैटर्न आने वाले वर्षों में बड़ी चुनौती बनकर सामने आएगा। विशेषज्ञों ने इस स्थिति से निपटने के लिए तुरंत और प्रभावी जलवायु अनुकूल नीतियों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।