
नई दिल्ली: खाद्य तेल खरीदने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने खाने के तेल की पैकेजिंग को लेकर नए नियम लागू करने का ऐलान किया है, जिसके बाद विभिन्न ब्रांडों के उत्पादों की कीमतों की तुलना करना पहले की अपेक्षा काफी आसान हो जाएगा।
उपभोक्ता मामलों के विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी, पाम, मूंगफली, तिल और अन्य खाद्य तेल केवल निर्धारित मानक पैक साइज में ही बेचे जा सकेंगे। नए नियम के तहत 200 मिलीलीटर/ग्राम, 500 मिलीलीटर/ग्राम, 1, 2, 3, 4, 5, 15 और 20 लीटर/किलोग्राम के पैक ही बाजार में उपलब्ध होंगे। यह नियम घरेलू और आयातित दोनों प्रकार के खाद्य तेलों पर लागू होगा।
सरकार ने कंपनियों, आयातकों और पैकर्स को नए नियमों के अनुरूप बदलाव करने के लिए तीन महीने का समय दिया है। अभी बाजार में कई कंपनियां 850 मिलीलीटर, 910 मिलीलीटर या अन्य गैर-मानक पैक साइज में तेल बेचती हैं, जिससे उपभोक्ताओं के लिए वास्तविक कीमत और मूल्य का आकलन करना मुश्किल हो जाता है।
नए नियम के तहत पैकेट पर मात्रा के साथ वजन की जानकारी देना भी अनिवार्य होगा। हालांकि 200 मिलीलीटर से छोटे कुछ पैक को इस व्यवस्था से छूट दी गई है, ताकि कम आय वाले उपभोक्ताओं के लिए छोटे और किफायती पैक उपलब्ध रह सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी, उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प चुनने में मदद मिलेगी और कंपनियों के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का उद्देश्य ग्राहकों को अधिक स्पष्ट और सुविधाजनक खरीदारी अनुभव उपलब्ध कराना है।







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