लखनऊ: जहां एक ओर देश के महानगरों और शहरी इलाकों में 10 मिनट की क्विक-कॉमर्स डिलीवरी का शोर है, वहीं दूसरी ओर ‘ग्रामिक’ (Gramik) ने इसी आधुनिक मॉडल को ग्रामीण भारत की जमीनी जरूरतों के मुताबिक ढालकर एक नया इतिहास रच दिया है। कृषि आपूर्ति श्रृंखला (Agri Supply Chain) को पूरी तरह डिजिटल बनाने में जुटी ग्रमिक ने उत्तर प्रदेश में अपने ग्रामीण क्विक-कॉमर्स नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार किया है। कंपनी ने राज्य में 30 अत्याधुनिक डार्कस्टोर और 100 से अधिक लास्ट माइल डिलीवरी पार्टनर्स (LMDs) का एक मजबूत जाल बिछाया है, जिसके जरिए आज 7 लाख से अधिक किसानों तक अपनी सीधी और भरोसेमंद पहुंच बना ली है।

गांवों में 2-घंटे की कृषि सप्लाई का नया डिजिटल मॉडल

ग्रमिक का यह अनोखा डार्कस्टोर-आधारित मॉडल पूरी तरह से मांग पूर्वानुमान (Demand Forecasting), स्थानीय इन्वेंटरी प्रबंधन और तकनीक-सक्षम वितरण नेटवर्क पर काम करता है। इस मॉडल के जरिए किसानों को खेती के मुख्य सीजन के दौरान बीज, उर्वरक, कीटनाशक और पशु पोषण (Animal Nutrition) जैसे बेहद जरूरी उत्पाद सही समय पर सीधे उपलब्ध हो जाते हैं। समय पर मिलने वाली इस मदद से न सिर्फ फसलों की उत्पादकता बढ़ती है, बल्कि किसानों की निर्णय लेने की क्षमता में भी बड़ा सुधार आता है। अब करोड़ों किसानों को पारंपरिक, बिखरे हुए और समय लेने वाले पुराने सप्लायर्स पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है।

“हमारा लक्ष्य सही समय पर सही उत्पाद पहुंचाना है” – राज यादव

“भारत के किसानों को आज के डिजिटल युग में भी कृषि उत्पादों की सही उपलब्धता, क्वालिटी और समय पर डिलीवरी न मिलने जैसी बुनियादी चुनौतियों से जूझना पड़ता है। ग्रामिक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत के लिए एक ऐसा मजबूत एग्री-कॉमर्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है, जो किसानों को सही समय पर सही उत्पाद उनके हाथ में दे सके। यूपी में स्थापित हमारे 30 डार्कस्टोर, 100+ लास्ट माइल डिलीवरी पार्टनर्स और 7 लाख किसानों का भरोसा यह साबित करता है कि ग्रामीण भारत इस तकनीकी बदलाव को कितनी तेजी से स्वीकार कर रहा है।” – राज यादव, संस्थापक, ग्रामिक

एक नज़र में ग्रामिक की प्रमुख उपलब्धियां

पिछले कुछ वर्षों में ग्रामिक ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थानीय ग्रामीण उद्यमियों, रिटेल चैनलों और मजबूत किसान नेटवर्क्स के जरिए अपनी पैठ बहुत गहरी की है। कंपनी के वर्तमान आंकड़े इसके बढ़ते प्रभाव को साफ दर्शाते हैं:

  • 7 लाख+ एक्टिव किसान नेटवर्क
  • 30 सक्रिय डार्कस्टोर (लोकल वेयरहाउस)
  • 100+ समर्पित लास्ट माइल डिलीवरी पार्टनर्स
  • फोकस एरिया: उच्च गुणवत्ता वाले कृषि आदान, पशु पोषण और समग्र ग्रामीण वाणिज्य (Rural Commerce)
  • ताकत: तकनीक से संचालित देश का पहला सफल रूरल क्विक-कॉमर्स मॉडल

भविष्य की योजना: ग्रामीण सप्लाई चेन का पूर्ण डिजिटलीकरण

ग्रामिक का मानना है कि भारत में क्विक-कॉमर्स का अगला सबसे बड़ा और वास्तविक अवसर शहरों में नहीं, बल्कि ग्रामीण बाजारों में छिपा है। इसी दूरगामी सोच के साथ कंपनी आने वाले 12 से 18 महीनों में अपने डार्कस्टोर नेटवर्क का दायरा और बढ़ाने वाली है। इसके तहत किसानों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी करने और पूरी ग्रामीण सप्लाई चेन को पूरी तरह से डिजिटल और हाई-टेक बनाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।

ग्रामिक (Gramik) के बारे में

ग्रामिक एक अग्रणी एग्री-कॉमर्स और रूरल सप्लाई चेन प्लेटफॉर्म है। यह तकनीक, स्थानीय उद्यमिता (Local Entrepreneurship) और एक मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के अनूठे मेल से ग्रामीण भारत के लिए अगली पीढ़ी का क्विक-कॉमर्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है, ताकि देश के अन्नदाता को हर जरूरी चीज सीधे और बिना किसी देरी के मिल सके।