नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। नेहरू ने 13 मई 1952 से लगातार 4,398 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया था, जबकि नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 4,399 दिन पूरे कर यह नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल की। उनकी इस उपलब्धि पर देश और दुनिया से बधाइयों का सिलसिला जारी है। इस अवसर पर भाजपा ने “12 साल बेमिसाल” अभियान की शुरुआत भी की है, जिसके तहत मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा।
प्रधानमंत्री की इस उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष प्रस्ताव पारित कर उन्हें बधाई दी। मंत्रिमंडल ने उनके नेतृत्व में देश में हुए विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, जनकल्याणकारी योजनाओं, आत्मनिर्भर भारत अभियान और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा की सराहना की। बैठक के दौरान सभी मंत्रियों ने खड़े होकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया और उनके नेतृत्व पर विश्वास जताया।
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं, मुख्यमंत्रियों और सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मोदी सरकार की उपलब्धियों को सामने रखना और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा करना था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारतीय जनता के उनके नेतृत्व पर निरंतर विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का काम किया है। वहीं यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर सहित कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है और जनता का विश्वास ही किसी भी लोकतांत्रिक नेतृत्व की सबसे बड़ी शक्ति होती है। उनकी यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।

