नई दिल्ली: 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची को ‘छोटी बहन’ कहकर संबोधित किया। पीएम मोदी के इस आत्मीय संबोधन ने सभी का ध्यान खींचा। अब इसके पीछे की वजह भी सामने आ गई है।
दरअसल, हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं के बीच हुई निजी बातचीत के दौरान सानाए ताकाइची ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि दिवंगत जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे उनके लिए बड़े भाई की तरह थे। उन्होंने यह भी कहा कि शिंजो आबे के प्रधानमंत्री मोदी के प्रति गहरे स्नेह और सम्मान को देखते हुए अब वह उन्हें भी अपने बड़े भाई के रूप में देखती हैं। इसी भावनात्मक बातचीत के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें अपनी ‘छोटी बहन’ कहा।
प्रधानमंत्री मोदी और शिंजो आबे के बीच बेहद करीबी व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध रहे हैं। आबे के नेतृत्व में भारत-जापान संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे थे। 8 जुलाई 2022 को उनकी हत्या के बाद प्रधानमंत्री मोदी विशेष रूप से टोक्यो पहुंचे थे और उनके राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होकर दिवंगत नेता की पत्नी अकी आबे से मुलाकात की थी।
प्रधानमंत्री मोदी के ‘छोटी बहन’ कहने पर सानाए ताकाइची ने भी इस रिश्ते को खुले मन से स्वीकार किया। उन्होंने उन्हें “सुंदर छोटी बहन” कहकर संबोधित करने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि दोनों नेताओं के बीच बनी यह आत्मीयता उनकी निजी बातचीत में विकसित हुई आपसी समझ और विश्वास को दर्शाती है।
भारत-जापान शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उभरती तकनीकों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने अपनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत बनाने का संकल्प भी दोहराया।

