लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सरकार का कहना है कि यह फैसला क्षेत्र की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है।
सरकार के अनुसार, जलालाबाद को भगवान परशुराम की जन्मस्थली से जुड़ा माना जाता है और यहां स्थित प्राचीन परशुराम मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। स्थानीय स्तर पर भी लंबे समय से कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने की मांग उठती रही थी। नगर निकाय ने भी इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया था।
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा से जुड़े लोगों के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया।
सरकार का कहना है कि नाम परिवर्तन से क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को नई पहचान मिलेगी। वहीं, इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि यह स्थानीय जनभावनाओं और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, जबकि विपक्ष इस तरह के नाम परिवर्तन को लेकर पहले भी सवाल उठाता रहा है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब आगे की औपचारिक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद सरकारी अभिलेखों, दस्तावेजों और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड में जलालाबाद की जगह ‘परशुरामपुरी’ नाम का इस्तेमाल किया जाएगा।


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