नई दिल्ली: भारतीय युवाओं, खासकर Gen Z की खर्च करने की आदतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब यह पीढ़ी महंगे मोबाइल, कपड़ों और अन्य भौतिक वस्तुओं पर पैसा खर्च करने के बजाय यात्रा, होटल, रेस्तरां, मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियों जैसे अनुभवों को प्राथमिकता दे रही है। इस बदलते रुझान का सबसे बड़ा लाभ आने वाले वर्षों में होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मिल सकता है।

रियल एस्टेट और निवेश सेवा कंपनी CBRE की रिपोर्ट ‘Gen Z Checks In: The Rise of the Lifestyle Hotel’ के अनुसार, 2025 से 2030 के बीच भारतीय परिवारों का अनुभव-आधारित खर्च 10.3 प्रतिशत की वार्षिक दर (CAGR) से बढ़ने का अनुमान है। इसके मुकाबले भौतिक वस्तुओं पर खर्च की वृद्धि दर 9.1 प्रतिशत रहने की संभावना है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुभव आधारित खर्च की विभिन्न श्रेणियों में होटल सेक्टर सबसे तेज़ बढ़त दर्ज कर सकता है। होटल में ठहरने पर होने वाला खर्च 2025 से 2030 के बीच 10.6 प्रतिशत CAGR से बढ़ने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 महामारी के बाद लोगों में घूमने-फिरने और नए अनुभव हासिल करने की इच्छा पहले से अधिक मजबूत हुई है, जिसका असर अब भी दिखाई दे रहा है।
इस बदलाव के केंद्र में Gen Z है, यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी। एशिया-प्रशांत क्षेत्र का सबसे बड़ा जनसांख्यिकीय समूह बन चुकी यह पीढ़ी तेजी से आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही है और उसकी बढ़ती आय उपभोक्ता बाजार की दिशा तय कर रही है।
Gen Z यात्रियों की प्राथमिकताएं पारंपरिक ग्राहकों से अलग हैं। वे सिर्फ होटल का कमरा नहीं, बल्कि एक संपूर्ण अनुभव चाहते हैं। स्थानीय संस्कृति से जुड़ी थीम, सोशल मीडिया पर साझा किए जा सकने वाले आकर्षक स्पेस, अनोखा डिजाइन, स्मार्ट रूम, सेल्फ चेक-इन और वेलनेस सुविधाएं अब उनकी पहली पसंद बनती जा रही हैं।
यही वजह है कि ‘लाइफस्टाइल होटल’ की मांग तेजी से बढ़ रही है। ये होटल स्थानीय संस्कृति, विशिष्ट डिजाइन और व्यक्तिगत अनुभव का मिश्रण पेश करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2015 से 2025 के बीच एशिया-प्रशांत क्षेत्र में लाइफस्टाइल होटलों की आपूर्ति 19 प्रतिशत CAGR से बढ़ी, जबकि कुल होटल सप्लाई की वृद्धि दर 5 प्रतिशत रही। अनुमान है कि 2030 तक भी यह सेगमेंट लगभग 10 प्रतिशत CAGR की दर से बढ़ता रहेगा।
युवा यात्रियों की बदलती पसंद केवल भारत तक सीमित नहीं है। विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, Gen Z यात्रा को अपनी पहचान और जीवनशैली का हिस्सा मानती है। यह पीढ़ी यादगार अनुभवों, स्थानीय संस्कृति और नई जगहों की खोज को अधिक महत्व देती है, जबकि कई युवा साल में एक लंबी छुट्टी की बजाय कई छोटी यात्राएं करना पसंद करते हैं।
CBRE का मानना है कि भारत में लाइफस्टाइल होटलों की हिस्सेदारी अभी सिंगापुर और हांगकांग जैसे बाजारों की तुलना में काफी कम है। ऐसे में डेवलपर्स और निवेशकों के लिए यह क्षेत्र बड़े अवसर लेकर आ सकता है। बढ़ती आय, Gen Z की बदलती पसंद और अनुभव आधारित खर्च की ओर झुकाव आने वाले वर्षों में भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की तस्वीर बदल सकता है।

