नई दिल्ली: भारत सरकार द्वारा मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर लगाए गए एक हफ्ते के अस्थायी प्रतिबंध (16 से 22 जून 2026) पर कंपनी के सीईओ पावेल डुरोव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सरकार ने यह कदम 21 जून को होने वाली NEET-UG री-एग्जाम से ठीक पहले पेपर लीक से जुड़ी अफवाहों और फर्जी संदेशों को रोकने के लिए उठाया है।
इस फैसले की आलोचना करते हुए पावेल डुरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा: “भारत के आईटी मंत्रालय ने टेलीग्राम को एक हफ्ते के लिए सिर्फ इसलिए बैन कर दिया क्योंकि कुछ यूजर्स ने लीक परीक्षा सामग्री शेयर की थी। यह फैसला भारत के 15 करोड़ से ज्यादा आम टेलीग्राम यूजर्स को सजा देता है, न कि उन लोगों को जिन्होंने असल में पेपर लीक किया। इस बैन से कुछ नहीं रुका, बल्कि पेपर लीक से जुड़ी चीजें अन्य ऐप्स पर शिफ्ट हो गईं।”
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने साफ किया है कि यह बैन किसी नए पेपर लीक की वजह से नहीं, बल्कि परीक्षा से पहले छात्रों में भ्रम और तनाव पैदा करने वाली अफवाहों को रोकने के लिए लगाया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत यह आदेश जारी किया गया है।
सरकार के निर्देश पर गूगल प्ले स्टोर से ऐप को अस्थाई रूप से हटा दिया गया है। इसके अलावा, टेलीग्राम को डिजिटल सबूतों से छेड़छाड़ रोकने के लिए 30 जून तक भारत में ‘मैसेज एडिटिंग’ फीचर को भी बंद रखने का आदेश दिया गया है।
रिलायंस और मेटा पर साधा निशाना
पावेल डुरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस पूरे घटनाक्रम को एक ‘व्यापारिक युद्ध’ (Competitive War) करार दिया। उन्होंने लिखा: “भारतीय टेलीकॉम कंपनी रिलायंस BGP हाइजैकिंग के जरिए भारत के बाहर (UAE समेत) लाखों यूजर्स के लिए टेलीग्राम का एक्सेस रोक रही है। यह गड़बड़ी जानबूझकर की गई लगती है, क्योंकि रिलायंस ने इस संबंध में भेजी गईं कई रिपोर्ट्स को नजरअंदाज किया है। यह शायद प्रतिस्पर्द्धा का हिस्सा हो सकता है क्योंकि रिलायंस में WhatsApp की ओनर मेटा (Meta) की भी कुछ हिस्सेदारी है।”
डुरोव ने यह आशंका भी जताई कि भारत में टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगवाने के लिए पर्दे के पीछे से लॉबिंग करने में रिलायंस और वॉट्सऐप का हाथ हो सकता है।

