नई दिल्ली: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की उच्च स्तरीय बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए केरल राज्य का नाम आधिकारिक रूप से ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है। यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा क्षेत्रीय भाषाई अस्मिता और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह महत्वपूर्ण फैसला केरल राज्य सरकार द्वारा भेजे गए उस प्रस्ताव के आधार पर लिया गया है, जिसे पूर्व में केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया था। राज्य सरकार का तर्क है कि ‘केरलम’ शब्द न केवल मलयालम भाषा के मूल उच्चारण के अनुरूप है, बल्कि यह राज्य की प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को वैश्विक पटल पर अधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान इस निर्णय की पुष्टि करते हुए बताया कि नाम परिवर्तन की प्रक्रिया अब अपने अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के प्रावधानों के तहत, किसी भी राज्य के नाम में परिवर्तन के लिए संसद की औपचारिक मंजूरी अनिवार्य है। अतः, कैबिनेट की इस सहमति के बाद अब केंद्र सरकार जल्द ही इस संबंध में एक आवश्यक विधेयक संसद के पटल पर रखेगी।
संसद के दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की अंतिम मुहर लगने के उपरांत यह परिवर्तन आधिकारिक रूप से प्रभावी हो जाएगा। इसके लागू होते ही सभी सरकारी दस्तावेजों, राष्ट्रीय अभिलेखों, आधिकारिक मानचित्रों और अंतरराष्ट्रीय पत्राचारों में राज्य का नाम ‘केरल’ के स्थान पर ‘केरलम’ दर्ज किया जाएगा।
राजधानी तिरुवनंतपुरम सहित पूरे राज्य में इस निर्णय का व्यापक स्वागत हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल भाषाई गौरव को पुनर्जीवित करेगी, बल्कि देश के संघीय ढांचे के भीतर राज्यों की स्थानीय पहचान को संवैधानिक मान्यता देने के प्रयासों को भी बल प्रदान करेगी।


QQ88 – Nền tảng cá cược trực tuyến uy tín với hơn 3 triệu thành viên. Trải nghiệm Casino, Thể thao, Nổ hũ, Bắn cá đỉnh cao, bảo mật chuẩn quốc tế.
**back biome**
Backbiome is a naturally crafted, research-backed daily supplement formulated to gently relieve back tension and soothe sciatic discomfort.