पटना: बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला, जब सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य में एक नए दौर की शुरुआत की। करीब 20 साल बाद सत्ता में यह बड़ा परिवर्तन हुआ है, और पहली बार ऐसा हुआ है जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता राज्य की कमान संभाल रहा है। भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया और अब उन्होंने आधिकारिक रूप से पदभार संभाल लिया है।

शपथ ग्रहण समारोह को सादगीपूर्ण रखा गया, लेकिन इसका राजनीतिक महत्व बेहद बड़ा है। नई सरकार में गठबंधन का संतुलन बनाए रखने के लिए जनता दल यूनाइटेड के दो वरिष्ठ नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंत्री पद की शपथ ली और दोनों अब उपमुख्यमंत्री की भूमिका निभाएंगे। यह भी अपने आप में खास है, क्योंकि बिहार के इतिहास में पहली बार जेडीयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं।

नई कैबिनेट में शामिल दोनों नेताओं का लंबा प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव सरकार को मजबूती देने वाला माना जा रहा है। बिजेंद्र प्रसाद यादव दशकों से बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं। वहीं विजय कुमार चौधरी को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि नई सरकार में तालमेल और स्थिरता बनाए रखने पर खास ध्यान दिया जाएगा।

यह सत्ता परिवर्तन सिर्फ चेहरों का बदलाव नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक नई दिशा का संकेत भी है। “सम्राट युग” की शुरुआत के साथ अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों के मोर्चे पर क्या कदम उठाती है। फिलहाल, राज्य की जनता और राजनीतिक गलियारों की नजर इस नई सरकार के अगले फैसलों पर टिकी हुई है।