बीकानेर: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राजस्थान के बीकानेर स्थित भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ (BSF) की ऐतिहासिक सांचू पोस्ट का दौरा कर जवानों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने प्रहरी सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीमा पर तैनात जवानों की वीरता, अनुशासन और राष्ट्र सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की। उनके साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने सीमा पर तैनात जवानों से मुलाकात कर उनके साथ जलपान किया और उनका मनोबल बढ़ाया।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा चौकियों पर नवनिर्मित 14 महिला बैरकों का ई-लोकार्पण भी किया। माना जा रहा है कि इससे सीमा क्षेत्र में तैनात महिला जवानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनकी कार्यक्षमता में भी सुधार होगा। सांचू पोस्ट पहुंचने से पहले अमित शाह ने सांचू माता मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की तथा देश की सुरक्षा और समृद्धि की कामना की।

इसके बाद गृह मंत्री ने प्रहरी शस्त्र गैलरी का अवलोकन किया, जहां उन्हें बीएसएफ द्वारा इस्तेमाल की जा रही आधुनिक हथियार प्रणाली और नई तकनीकों की जानकारी दी गई। उन्होंने सीमा सुरक्षा में उपयोग हो रही आधुनिक ड्रोन तकनीक की कार्यप्रणाली को भी करीब से देखा और अधिकारियों से इसके संचालन और उपयोगिता को लेकर जानकारी ली। अमित शाह ने सीमा सुरक्षा में आधुनिक तकनीक की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की।

कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन मेघवाल, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

बीकानेर जिले में स्थित सांचू पोस्ट भारत-पाकिस्तान के 1965 और 1971 के युद्धों की ऐतिहासिक गवाह रही है। यह पोस्ट भारतीय जवानों की वीरता और रणनीतिक कौशल का प्रतीक मानी जाती है। 1965 के युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना ने इस पोस्ट पर कब्जा कर लिया था, लेकिन भारतीय सेना और आरएसी (RAC) के जवानों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इसे दोबारा अपने कब्जे में ले लिया था।

वहीं 1971 के युद्ध में सांचू पोस्ट भारतीय सेना और बीएसएफ के लिए एक अहम ऑपरेशनल बेस बनी। इसी पोस्ट को आधार बनाकर भारतीय जवानों ने पाकिस्तान की कई चौकियों पर सफल सैन्य अभियान चलाए थे। यही वजह है कि सांचू पोस्ट आज भी सीमा सुरक्षा और भारतीय सेना के साहस का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है।