
जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में बने अवैध धार्मिक ढांचों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीमा क्षेत्र में बने अवैध धार्मिक निर्माणों को हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कोर्ट ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी तरह के अवैध निर्माण को अनुमति नहीं दी जा सकती।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों के कामकाज और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जा सकती। यदि कोई धार्मिक ढांचा वैध अनुमति के बिना बनाया गया है, तो उसे कानून के अनुसार हटाया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने प्रशासन से यह भी कहा कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में और निष्पक्ष तरीके से की जाए। अदालत ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि किसी भी अवैध निर्माण के मामले में एक समान नीति अपनाई जाए और कानून का पालन सभी पर समान रूप से लागू हो।
मामले की अगली सुनवाई में राज्य सरकार से कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट पेश करने की भी अपेक्षा की गई है। इस फैसले को सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







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