नई दिल्ली/जींद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई यानी आगामी शुक्रवार को हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन-पावर्ड ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह भारतीय रेलवे के इतिहास का एक ऐतिहासिक क्षण होगा, क्योंकि इसके साथ ही भारत जर्मनी और चीन जैसे उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो जाएगा, जहां पर्यावरण-अनुकूल हाइड्रोजन ट्रेनों का संचालन किया जाता है।

यह 10 कोच वाली हाइड्रोजन-पावर्ड DEMU ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की दूरी लगभग दो घंटे में तय करेगी। ट्रेन अपने पूरे सफर के दौरान 12 स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भाम्बेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खंडराई, गोहाना, राभड़ा, लाठ, मोहाना हरियाणा और बरवासनी स्टेशन शामिल हैं।

हालांकि ट्रायल के दौरान इस ट्रेन ने 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति हासिल की थी, लेकिन नियमित परिचालन के दौरान इसकी अधिकतम ऑपरेशनल स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है, ताकि सुरक्षित और सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

मई 2026 में रेलवे बोर्ड ने देश की पहली हाइड्रोजन-पावर्ड 10 कोच वाली DEMU ट्रेन को मंजूरी दी थी। यह ट्रेन डीजल इंजन के बजाय हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से बिजली (ट्रैक्शन पावर) उत्पन्न कर संचालित होगी। इस तकनीक से कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य रहता है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। यही कारण है कि इसे भारतीय रेलवे की ग्रीन मोबिलिटी और नेट-जीरो उत्सर्जन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के हरियाणा दौरे को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के अलावा वे राज्य को कई अन्य विकास परियोजनाओं की भी सौगात देंगे। इस कार्यक्रम को लेकर रेलवे और हरियाणा सरकार दोनों स्तरों पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना सफल रहती है, तो भविष्य में भारतीय रेलवे के अन्य गैर-विद्युतीकृत रेल मार्गों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकता है। इससे डीजल पर निर्भरता कम होगी, ईंधन लागत में कमी आएगी और रेलवे के कार्बन फुटप्रिंट को घटाने में मदद मिलेगी। भारत के स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन मिशन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।