
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर दिए गए कथित अपमानजनक बयान पर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को देशभर में प्रदर्शन किया। पटना में बीजेपी की महानगर इकाई ने खड़गे के बयान के विरोध में प्रदर्शन किया, वहीं लखनऊ में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की।
यह विवाद पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति ने खड़गे को टोकते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इसके जवाब में खड़गे ने कथित तौर पर ऐसी टिप्पणी की, जिसे बीजेपी ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान बताया।
बीजेपी ने की माफी की मांग
बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने कांग्रेस पर प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी देशभर में राज्यों के मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी। बीजेपी नेताओं का कहना है कि राजनीतिक विरोध के दौरान इस तरह की भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी खड़गे के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अपनी संस्कृति और मूल्यों पर गर्व करते हैं और राज्य में आकर प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में ऐसी टिप्पणी करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी आरोप लगाए।
इमरान मसूद ने किया खड़गे का बचाव
दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने खड़गे का बचाव किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के बड़े नेता भी राहुल गांधी, सोनिया गांधी और इंदिरा गांधी को लेकर बयान देते रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ जवाबदेही तय नहीं होती।
मसूद ने कहा कि कांग्रेस अब ऐसे बयानों पर चुप नहीं रहेगी। उन्होंने खड़गे के जवाब को सही ठहराते हुए कहा कि बीजेपी नेताओं को भी उसी भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए, जिसका इस्तेमाल वे कांग्रेस नेताओं के खिलाफ करते हैं।
खड़गे के बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी ने इस मामले में माफी की मांग की है, जबकि कांग्रेस के नेताओं ने बीजेपी पर भी विपक्षी नेताओं के खिलाफ इसी तरह की भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।





