New Delhi: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में बताया कि सरकार घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए वितरण और सब्सिडी प्रक्रिया को अधिक कुशल, पारदर्शी और समावेशी बनाने हेतु लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि पहल (DBTL) योजना, आधार सत्यापन, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और नकली कनेक्शन हटाने जैसे उपायों से लक्षित सब्सिडी ट्रांसफर सिस्टम को मजबूती मिली है।
मंत्री पुरी ने यह भी बताया कि देशभर में आईवीआरएस/एसएमएस बुकिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिससे उपभोक्ता रिफिल बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक एसएमएस के जरिये सूचित रहते हैं और किसी समस्या की शिकायत कर सकते हैं।
इसके साथ ही डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) की व्यवस्था भी शुरू की गई है, जिससे गैस की डिलीवरी सही उपभोक्ता तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जा सके।
कड़े निरीक्षण और निगरानी के लिए ओएमसी के अधिकारियों द्वारा नियमित तौर पर वितरकों के गोदामों, शोरूमों और वितरण स्थलों की जांच की जा रही है, ताकि एलपीजी का दुरुपयोग रोका जा सके।
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को लेकर उन्होंने कहा कि 67% पीएमयूवाई लाभार्थियों का आधार प्रमाणीकरण हो चुका है और नए कनेक्शन से पहले यह प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है। डुप्लीकेट और निष्क्रिय कनेक्शन हटाने की प्रक्रिया में 8.49 लाख फर्जी कनेक्शन रद्द किए गए हैं, जबकि 12,000 निष्क्रिय कनेक्शन भी खत्म किए गए।
2024-25 में अब तक 194 करोड़ एलपीजी रिफिल वितरित किए जा चुके हैं, जिनमें से केवल 0.08% शिकायतें आईं, जो मुख्यतः सब्सिडी या डिलीवरी में देरी से जुड़ी थीं।


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