नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के आक्रामक रुख ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। इस मुद्दे पर कांग्रेस की सक्रियता से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके की मुहिम की चर्चा भी प्रभावित होती दिखाई दे रही है।

राहुल गांधी पिछले कुछ वर्षों से चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोप लगाते रहे हैं। अब ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा रही है। हालांकि, चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है।

CJP ने भी उठाई इस्तीफे की मांग

नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन से चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने इस मुद्दे पर आंदोलन का ऐलान किया था। इससे पहले CJP ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भी प्रदर्शन किया था।

हालांकि, कांग्रेस और CJP दोनों ही चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय हैं, लेकिन उनके बीच साझा मंच या संयुक्त रणनीति स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले के आंदोलनों के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक दूरी देखने को मिली थी।

राहुल-प्रियंका के प्रदर्शन से बढ़ी कांग्रेस की सक्रियता

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार दो दिनों तक प्रदर्शन किया। दोनों नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें हिरासत में ले लिया गया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

एक अन्य घटनाक्रम में दोनों नेता आकाशवाणी परिसर के पास एक पेड़ के नीचे बैठकर विरोध जताते दिखाई दिए। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान INDIA गठबंधन के अन्य दलों के नेता उनके साथ नजर नहीं आए। इससे विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर तालमेल को लेकर भी चर्चा शुरू हुई।

कांग्रेस की सक्रियता के पीछे चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर पार्टी के पुराने आरोपों को भी एक कारण माना जा रहा है। पार्टी इस मुद्दे को अपने राजनीतिक एजेंडे में प्रमुखता देना चाहती है।

दीपके की मुहिम के सामने नई चुनौती

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन के मामले में अभिजीत दीपके की मुहिम को अब कांग्रेस की सक्रियता से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, दीपके ने मुंबई में प्रदर्शन किया और 10 अक्टूबर को दिल्ली में दोबारा आंदोलन करने की घोषणा की थी। इस मुहिम को कुछ फिल्मी हस्तियों और यूट्यूबर ध्रुव राठी का समर्थन मिलने की भी चर्चा है।

कुल मिलाकर, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध अब केवल एक संगठन या नेता तक सीमित नहीं रहा। कांग्रेस और CJP की अलग-अलग सक्रियता ने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से अधिक चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि विपक्षी दल इस मामले में साझा रणनीति बनाते हैं या अलग-अलग आंदोलन के जरिए अपनी राजनीतिक भूमिका मजबूत करने की कोशिश करते हैं।