नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और प्रेमानंद महाराज के बीच जुड़ी चर्चा एक बार फिर सामने आई है। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने दावा किया था कि विराट कोहली को वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए थे। अब विराट कोहली के प्रवक्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

विराट की टीम ने आरोपों को बताया झूठा

विराट कोहली के प्रवक्ता की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा द्वारा विराट कोहली को लेकर किए गए दावे पूरी तरह झूठे, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत हैं।

बयान के मुताबिक, विराट कोहली प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा के कारण उनसे मिलने जाते हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इन मुलाकातों का किसी तरह के आर्थिक लेन-देन से कोई संबंध नहीं है।

मीडिया से की तथ्य जांच की अपील

विराट कोहली के प्रवक्ता ने मीडिया संस्थानों और पत्रकारों से भी अपील की कि इस तरह के दावों को रिपोर्ट या आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की जांच की जाए। उन्होंने जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करने की बात कही।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 5 करोड़ रुपये दिए जाने के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इस भुगतान को साबित करने वाला कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड या आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आया है।

विराट और अनुष्का कई बार जा चुके हैं आश्रम

विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम कई बार जा चुके हैं। दोनों की पहली चर्चित यात्रा जनवरी 2023 में हुई थी। इसके बाद भी दोनों कई मौकों पर आश्रम पहुंचे हैं।

हालांकि, इन यात्राओं को लेकर 5 करोड़ रुपये दिए जाने का आरोप अलग मुद्दा है, जिसे विराट कोहली की टीम ने स्पष्ट रूप से खारिज किया है। फिलहाल यह दावा अपुष्ट है।

फलाहारी महाराज ने क्या दावा किया था?

फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया था कि प्रॉपर्टी से जुड़े लोगों ने विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए बुलाने के लिए 5 करोड़ रुपये खर्च किए। उनके इस दावे के बाद सोशल मीडिया और मीडिया में इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हुई।

विराट कोहली की टीम ने अब आधिकारिक बयान जारी कर इन आरोपों को गलत बताया है। फलाहारी महाराज ने इसके बाद भी अपने दावे दोहराए और ट्रस्ट से जुड़े खातों की जांच की मांग की है।

फिलहाल 5 करोड़ रुपये के भुगतान का दावा साबित नहीं हुआ है। दूसरी ओर, विराट कोहली के प्रवक्ता ने इसे पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है।