नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस और अन्य उभरती डिजिटल तकनीकों को सीखने का एक शानदार अवसर पेश किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत कार्यरत राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) ने अपने डिजिटल यूनिवर्सिटी (NDU) प्लेटफॉर्म पर कई ऑनलाइन कोर्स पूरी तरह से नि:शुल्क उपलब्ध कराए हैं। इस दूरदर्शी पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्रों को शुरुआती स्तर पर ही भविष्य की तकनीकों से जोड़ना और उन्हें नए जमाने के डिजिटल कौशल से लैस करना है।

सीबीएसई ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना में इन कोर्सों की जानकारी हर विद्यार्थी तक पहुंचाने और उन्हें अधिक से अधिक संख्या में नामांकन (Enrollment) के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया है। छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन कोर्सों को ‘स्वयं की गति’ (Self-paced) के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे छात्र बिना किसी मानसिक दबाव के अपनी पढ़ाई के साथ-साथ इन्हें आसानी से सीख सकते हैं। इन मुफ्त ऑनलाइन कोर्सों में मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, प्रोग्रामिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी और पायथन (Python) जैसे आधुनिक विषय शामिल हैं, जो छात्रों में गहरी तकनीकी समझ विकसित करने और उन्हें कल की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मददगार साबित होंगे।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि आज के वैश्विक परिदृश्य में AI, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में यदि स्कूली स्तर से ही विद्यार्थियों को इन विषयों का व्यावहारिक ज्ञान मिल जाए, तो उन्हें उच्च शिक्षा और करियर दोनों ही मोर्चों पर जबरदस्त फायदा मिलेगा। यह कदम देश की नई शिक्षा नीति (NEP) के भी बिल्कुल अनुकूल है, जो तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देती है।

इन कोर्सों का लाभ उठाने के लिए इच्छुक छात्रों को NIELIT डिजिटल यूनिवर्सिटी प्लेटफॉर्म पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। चूंकि ये अधिकांश कोर्स पूरी तरह से ऑनलाइन हैं, इसलिए इन्हें घर बैठे ही आराम से पूरा किया जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि सफलतापूर्वक कोर्स पूरा करने पर छात्रों को योग्यता प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) भी प्रदान किया जाएगा। सीबीएसई को पूरा भरोसा है कि इस अनूठी पहल से विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के साथ-साथ नई तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जिससे वे भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप खुद को एक मजबूत वैश्विक नागरिक के रूप में तैयार कर सकेंगे।