नई दिल्ली: बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनावी गतिविधियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। सोमवार, 2 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का नेतृत्व किया। वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार के भागलपुर में मार्च निकालकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। ये कार्यक्रम दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों की रैली के एक दिन बाद हुए।

अमित शाह ने हैदराबाद में निकाली पदयात्रा
अमित शाह ने पदयात्रा से पहले चारमीनार के पास स्थित श्री भाग्यलक्ष्मी माता मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने बीजेपी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत हैदराबाद में पदयात्रा की। इसमें केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार और तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस अभियान के जरिए बीजेपी ने कांग्रेस पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में सुधार के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है।

नितिन नवीन ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर साधा निशाना
बिहार के भागलपुर में मार्च का नेतृत्व करते हुए नितिन नवीन ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर राज्य के मतदाताओं के जनादेश का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता चुनावी नतीजों पर सवाल उठाकर जनता के फैसले को चुनौती दे रहे हैं। नवीन ने SIR को लेकर कांग्रेस और आरजेडी की आपत्तियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने को लेकर आपत्ति दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन अब विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रूप दे रहा है। कोलकाता में भी मार्च कर नितिन नवीन ने विपक्ष को लेकर आक्रामक रहे।

SIR को लेकर बीजेपी और विपक्ष आमने-सामने
SIR को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। वहीं, बीजेपी का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मृत, स्थान बदल चुके और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाकर सूची को सही करना है।

इससे पहले 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन के नेताओं ने रैली कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया है।