
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर, 2026: देशभर में 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरे का पर्व बेहद धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और पंजाब तक विभिन्न स्थानों पर भव्य रामलीला और रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा समेत देश के कई दिग्गज नेता शामिल हुए।
पीएम मोदी ने दिल्ली में किया रावण दहन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित डीडीए उत्सव ग्राउंड में ‘श्री रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ’ के विजयादशमी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक अंदाज में धनुष-बाण चलाकर प्रतीकात्मक रूप से रावण दहन किया और देशवासियों को पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भगवान राम के आदर्शों का जिक्र करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सत्ता का मुख्य उद्देश्य हमेशा जनकल्याण होना चाहिए। उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर राष्ट्र के विकास और उसके सम्मान के लिए मिलकर काम करने का आह्वान भी किया।
राष्ट्रपति मुर्मु और अन्य नेताओं की प्रमुख मौजूदगी
दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में आयोजित दशहरा समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शिरकत की, जहाँ उनके साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने भी धनुष उठाकर बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश को रेखांकित किया। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के लुधियाना पहुंचकर डेरेसी मैदान में रावण दहन किया; इस आयोजन के दौरान पंजाब के एक गंभीर सामाजिक मुद्दे यानी नशामुक्ति के संदेश को भी प्रतीकात्मक रूप से उठाया गया। इसके अलावा, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के मैदान में आयोजित ‘नव श्री धार्मिक लीला कमेटी’ के दशहरा समारोह में हिस्सा लिया और समिति के सदस्यों के साथ धनुष-बाण संभाला।
गोरखपुर में सीएम योगी ने की पूजा-अर्चना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी के पावन अवसर पर गोरखपुर स्थित प्रसिद्ध गोरक्षपीठ में विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की आरती उतारकर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। देशभर में आयोजित इन तमाम कार्यक्रमों में विशालकाय रावण के पुतलों का दहन किया गया, और शानदार आतिशबाजी व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत के इस महापर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।





