नई दिल्ली: सोमवार, 16 मार्च को हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर हुए चुनावों में एनडीए (NDA) ने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया। कुल 11 सीटों में से 9 सीटों पर एनडीए या उसके समर्थित उम्मीदवारों ने जीत का परचम लहराया, जबकि कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) के खाते में केवल एक-एक सीट ही आ सकी। बिहार में एनडीए का दबदबा पूरी तरह कायम रहा, जहाँ की सभी 5 सीटों पर उसके प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को 44-44 वोट मिले, जबकि रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा 42-42 वोटों के साथ विजयी रहे। इस दौरान महागठबंधन के चार विधायकों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही।

ओडिशा की स्थिति देखें तो यहाँ की 4 सीटों में से 3 पर एनडीए और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों दिलीप रे, मनमोहन सामल और सुजीत कुमार ने सफलता प्राप्त की, जबकि बीजू जनता दल के संतृप्त मिश्रा केवल एक सीट ही बचा पाए। वहीं हरियाणा की 2 सीटों पर मुकाबला बँटा हुआ रहा, जहाँ भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की। हरियाणा में चुनावी सरगर्मी इतनी तेज थी कि विवादों के कारण मतदान शाम 4 बजे खत्म होने के बावजूद वोटों की गिनती देर रात तक चलती रही। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने 18 फरवरी को 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की थी, जिनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे और शेष 11 सीटों के लिए सोमवार को मतदान संपन्न हुआ।