प्रयागराज: त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आज आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा का अलौकिक दृश्य साकार हुआ, जब मकर संक्रांति (खिचड़ी) के पवित्र अवसर पर माघ मेला 2026 के तहत देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। प्रातःकाल से ही हर-हर गंगे और जय सनातन के उद्घोष के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

संगम क्षेत्र में साधु-संतों, अखाड़ों और कल्पवासियों की उपस्थिति ने वातावरण को और अधिक दिव्य बना दिया। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक प्रबंध किए गए, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित स्नान का अवसर मिला। मकर संक्रांति के इस शुभ स्नान पर्व पर उमड़ी भीड़ ने माघ मेले की धार्मिक-सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित किया और सनातन परंपराओं के प्रति जन-आस्था की सशक्त अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।