नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बिना गिरवी रखे जाने वाले व्यक्तिगत कर्ज, जैसे पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड के नियमों को और सख्त करने की तैयारी में है। बिना गिरवी वाले कर्ज में डिफॉल्ट का खतरा बढ़ने के कारण आरबीआई चिंतित है। नए दिशा-निर्देशों के तहत, बैंकों को कर्ज लेने वालों की क्रेडिट स्कोर के आधार पर ऋण की अधिकतम सीमा तय करने का निर्देश दिया जाएगा।
इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति पहले से होम लोन या ऑटो लोन ले चुका है, तो बैंकों को पर्सनल लोन देते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। रिटेल लोन के तेजी से बढ़ने से भी आरबीआई चिंतित है, और मार्च 2024 में पर्सनल लोन में वार्षिक वृद्धि 14% रही, जबकि पिछले साल इसी समय यह 17.6% थी। प्राइवेट बैंकों में कर्ज माफ करने की संख्या तेजी से बढ़ी है, जो जोखिम का संकेत है।
आरबीआई जल्द ही इन नए दिशा-निर्देशों का ड्राफ्ट जारी कर सकता है, और बैंकों से अपेक्षा की जाती है कि वे इन कर्जों को लेकर अधिक सतर्कता बरतेंगे और केवल योग्य उधारकर्ताओं को ही ऋण देंगे। आरबीआई का यह कदम आम लोगों को जरूरत से ज्यादा कर्ज लेने से रोकने और बैंकिंग व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए है।


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