
Uttarakhand: उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में स्थित धाराली गांव में 5 अगस्त को देर रात बादल फटने (Cloudburst) की घटना से भारी तबाही मच गई। इस आपदा में अचानक आई बाढ़ ने कई घरों, होटलों और दुकानों को बहा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा इतना तेज़ था कि कुछ ही मिनटों में पानी ने गांव को अपनी चपेट में ले लिया।
आपदा में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई है, जबकि करीब 100 लोग लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 10–12 लोग मलबे में दबे हो सकते हैं और कई होटलों में फंसे लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं है। अनुमान है कि 40–50 मकान और 50 से अधिक होटल/हॉमस्टे बाढ़ में बह गए हैं।
भारतीय सेना, NDRF, और SDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं। सेना की इबेक्स ब्रिगेड द्वारा 150 से अधिक जवान मौके पर तैनात किए गए हैं और अब तक करीब 130 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। मौसम की खराबी और लगातार बारिश के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है। वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी राहत कार्य के लिए तैयार रखे गए हैं।
इस हादसे के चलते गंगोत्री धाम यात्रा भी प्रभावित हुई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा पर गहरी चिंता जताई है और हालात की निगरानी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताते हुए हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।







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