Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट ग्रामीण क्षेत्रों के कायाकल्प और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस वर्ष सरकार ने पंचायती राज विभाग के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 67 प्रतिशत की भारी वृद्धि की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विकास की मुख्यधारा में गांवों को सबसे आगे रखा गया है। ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के लिए कुल ₹32,090 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो न केवल गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि वहां की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नया विस्तार देगा। इस बजट का एक मुख्य आकर्षण प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ‘उत्सव भवन’ का निर्माण है, जो स्थानीय आयोजनों और सामाजिक मेल-मिलाप के लिए एक आधुनिक केंद्र के रूप में कार्य करेंगे।

ग्रामीण युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए सरकार ने डिजिटल शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। ग्राम पंचायतों और वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए ₹454 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इन लाइब्रेरी के माध्यम से गांव के छात्रों को ई-बुक्स और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित डिजिटल संसाधन आसानी से मिल सकेंगे, जिससे शहर और गांव के बीच की शैक्षिक दूरी कम होगी। इसके साथ ही, खेल और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेडियम और ओपन जिम के निर्माण हेतु ₹130 करोड़ खर्च किए जाएंगे। बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए 1,000 बहुउद्देशीय पंचायत भवनों का निर्माण भी प्रस्तावित है। समग्र रूप से, यह बजट उत्तर प्रदेश के गांवों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक रोडमैप पेश करता है।