नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शताब्दी वर्ष के अंतर्गत छतरपुर, दिल्ली में सर्व समाज हिंदू सम्मेलन एवं राष्ट्र रक्षा यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन सामाजिक समरसता, छुआछूत उन्मूलन, हिंदू एकता को सुदृढ़ करने और राष्ट्र की उन्नति के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर हिंदू समाज में जागृति, समरसता, सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर भेदभाव मुक्त और संगठित समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।

आयोजन के दौरान वक्ताओं ने हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्र रक्षा में नागरिकों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं के माध्यम से चल रहे ‘व्यक्ति निर्माण’ के कार्यों को समाज के सामने प्रस्तुत किया गया, जिससे सामाजिक एकजुटता और राष्ट्र के प्रति दायित्व की भावना को बल मिला।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने सराहा। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में लगभग 3000 लोगों ने सहभागिता की और हिंदू एकता तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों को ध्यानपूर्वक सुना।

सर्व समाज हिंदू सम्मेलन एवं राष्ट्र रक्षा यज्ञ ने यह संदेश दिया कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और संगठित प्रयासों के माध्यम से ही एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव है।