नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपने सादगी भरे अंदाज और लीक से हटकर लिए गए फैसले को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री को बेहद छोटे और सीमित काफिले के साथ कैबिनेट बैठक के लिए जाते देखा गया। सुरक्षा के तामझाम से इतर पीएम का यह अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है।

सुरक्षा के साथ सादगी का तालमेल

आमतौर पर देश के प्रधानमंत्री का काफिला 12 से 15 वाहनों का होता है, जिसमें अत्याधुनिक सुरक्षा वाहन, एम्बुलेंस और जैमर गाड़ियाँ शामिल रहती हैं। लेकिन इस बार प्रधानमंत्री केवल दो गाड़ियों—एक रेंज रोवर और एक टोयोटा फॉर्च्यूनर—के साथ सफर करते नजर आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) ने सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना रणनीति में बदलाव करते हुए काफिले के आकार को न्यूनतम रखा है।

ईंधन बचत और सरकारी खर्च में कटौती की पहल

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में सरकारी विभागों और अधिकारियों से ईंधन की बचत करने तथा अनावश्यक सरकारी खर्चों में कटौती करने की अपील की थी। प्रधानमंत्री का यह कदम उसी अपील की एक प्रतीकात्मक और व्यवहारिक पहल माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पीएम ने खुद उदाहरण पेश करते हुए अपने काफिले को छोटा रखने का निर्देश दिया है ताकि संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित हो सके।

इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा संरक्षण पर जोर

केवल काफिला छोटा करना ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री ने सरकारी कामकाज में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का भी सुझाव दिया है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच भारत सरकार की यह पहल एक बड़ा संदेश दे रही है। प्रधानमंत्री के इस कदम का अनुसरण करते हुए गृह मंत्री अमित शाह समेत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने काफिलों का आकार घटाना शुरू कर दिया है।

सोशल मीडिया पर सराहना

जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर सामने आया, नेटिज़न्स ने इसे ‘लीडरशिप बाय एग्जांपल’ करार दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह वीआईपी संस्कृति (VIP Culture) को कम करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।