नई दिल्ली: भारत इस समय अभूतपूर्व गर्मी की चपेट में है और वैश्विक स्तर पर सबसे गर्म देश बनकर उभरा है। देश के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को देश के 17 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। राजस्थान का बाड़मेर लगातार तीसरे दिन सबसे गर्म स्थान रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 48.3 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा। इसके बाद मध्य प्रदेश का रतलाम (46.5°C) और जैसलमेर (45.8°C) का नंबर आता है।

वर्तमान में राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात भीषण लू (Heitwave) का कहर झेल रहे हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा समेत उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान 34 से 42 डिग्री के बीच बना हुआ है। डराने वाली बात यह है कि वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से 74 शहर अकेले भारत के हैं। 27 अप्रैल को तो स्थिति यह थी कि दुनिया के शीर्ष 50 सबसे गर्म शहरों में सभी भारतीय ही थे।

विशेषज्ञों ने इसे ‘हेल्थ इमरजेंसी’ की संज्ञा दी है, क्योंकि 37 डिग्री से अधिक तापमान मानव शरीर के लिए जोखिम भरा होता है, जिससे हीट स्ट्रोक और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आगामी 6-7 दिनों तक पश्चिमी राजस्थान और मध्य भारत में तीव्र हीटवेव चलने की संभावना है। राहत की एकमात्र किरण दक्षिण-पश्चिम मानसून की आहट है, जिसके इस सप्ताह के अंत तक अंडमान सागर में पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल, दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है, लेकिन उत्तर और पश्चिम भारत के लिए चुनौतियां बरकरार हैं।