
अयोध्या: अयोध्या एक बार फिर रोशनी, भक्ति और संस्कृति के भव्य संगम से जगमगाने जा रही है। दीपोत्सव 2025 इस बार नई ऊंचाइयों को छूने वाला है। प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में सरयू तट पर न केवल लाखों दीप जलेंगे, बल्कि इस बार मां सरयू की भव्य आरती इतिहास रचने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त पहल से यह आयोजन “भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता” का अद्भुत संगम बनेगा।
इस बार की सरयू आरती पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए दोगुने स्तर पर आयोजित की जा रही है। आयोजन स्थल को 11 जोन में बांटा गया है, जहाँ नयाघाट से लेकर लक्ष्मण घाट तक हर जोन में 200 प्रतिभागी एक साथ खड़े होकर आरती करेंगे। यह कार्यक्रम 19 अक्टूबर की शाम 5 बजे आयोजित होगा।
श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड टूटा
उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या में 9वां दीपोत्सव मना रही है, जिसने देश-विदेश में अयोध्या की भव्यता को नई पहचान दी है। वर्ष 2017 से शुरू हुए दीपोत्सव के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बढ़ती गई है। 2025 के जनवरी से जून तक ही 23.82 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। इससे साफ है कि रामलला के दर्शन के लिए लोगों की आस्था और उत्साह हर साल नई ऊंचाइयों पर पहुँच रहा है।
योगी आदित्यनाथ मलिन बस्तियों में मनाएंगे दीपावली
दीपोत्सव के दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान श्रीराम की नगरी में निषाद और मलिन बस्तियों के बीच जाकर दीपावली मनाएंगे। उनका यह कार्यक्रम इस संदेश को मजबूत करेगा कि “प्रभु श्रीराम की नगरी में किसी भी घर का दीपक बुझा न रहे।” योगी पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा करेंगे, फिर रामलला के दरबार में विशेष अर्चना करेंगे। इसके बाद वे निषाद परिवारों के घर जाकर दीप जलाएंगे, बच्चों को मिठाइयाँ और ट्रॉफियाँ बाँटेंगे तथा वरिष्ठ नागरिकों से संवाद करेंगे।
तकनीक से सजा ‘सुरक्षा का दीपोत्सव’
इस बार दीपोत्सव सिर्फ भव्यता और संस्कृति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह तकनीकी प्रबंधन का उदाहरण भी बनेगा। पहली बार महाकुंभ की तर्ज पर 11 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरे लगाए गए हैं जो पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की निगरानी करेंगे। ये कैमरे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान से लेकर भीड़ के घनत्व का आकलन तक करेंगे। यदि किसी क्षेत्र में अधिक भीड़ होती है तो तुरंत प्रशासन को अलर्ट भेजा जाएगा।
डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश पर यह सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है ताकि लाखों श्रद्धालु सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से दीपोत्सव का आनंद ले सकें।
अयोध्या का दीपोत्सव 2025 न केवल भक्ति और संस्कृति का उत्सव है, बल्कि यह ‘सबका साथ, सबका उत्सव’ का जीवंत उदाहरण बन गया है- जहाँ हर दीप एक उम्मीद, एक मुस्कान और एक नई शुरुआत की रोशनी लेकर जलता है।







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