नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण यानी GRAP-1 लागू कर दिया है। 21 अक्टूबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 244 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले यह 179 था, जो मध्यम श्रेणी में था। हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के बाद अधिकारियों को प्रदूषण पर काबू पाने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

GRAP-1 लागू होने पर क्या-क्या होगा?

GRAP-1 के तहत सड़कों और निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। सड़कों की मशीनों से सफादिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण रोकने के लिए नए नियम; जानें क्या-क्या बदलेगा

ई और पानी का छिड़काव बढ़ाया जाएगा। निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के उपाय करना जरूरी होगा। निर्माण सामग्री और मलबे को ढककर रखना होगा और उन्हें ढके हुए वाहनों में ही ले जाना होगा।

खुले में कचरा जलाने पर रोक रहेगी। नियमों का पालन नहीं करने वाले निर्माण स्थलों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्लॉट पर निर्माण और तोड़फोड़ के काम से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। जिन परियोजनाओं के लिए सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी है, उन्हें यह प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।

होटल और रेस्टोरेंट में तंदूर के इस्तेमाल पर रोक

प्रदूषण कम करने के लिए होटल, रेस्टोरेंट और खुले में खाने-पीने की जगहों पर कोयले और लकड़ी से चलने वाले तंदूर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी तय नियमों के अनुसार नियंत्रण किया जाएगा।

इसके अलावा बिजली की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने और ट्रैफिक जाम वाले इलाकों में यातायात को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर भी नजर रखी जाएगी।

दिल्ली मेट्रो चलाएगी 20 अतिरिक्त ट्रिप

प्रदूषण कम करने और लोगों को सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से दिल्ली मेट्रो 22 अक्टूबर से कामकाजी दिनों में 20 अतिरिक्त ट्रिप चलाएगी। इससे यात्रियों को मेट्रो से सफर करने के ज्यादा विकल्प मिलेंगे।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) अपने निर्माण स्थलों और आसपास की सड़कों पर भी धूल कम करने के उपाय तेज करेगा। इसके तहत सड़कों, फुटपाथों और सड़क के बीच बने हिस्सों की सफाई की जाएगी। निर्माण सामग्री को ढककर रखने जैसे उपायों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

AQI बढ़ने के साथ सख्त होती जाएंगी पाबंदियां

दिल्ली-NCR में प्रदूषण की स्थिति के आधार पर GRAP को चार चरणों में बांटा गया है। हवा की गुणवत्ता और खराब होने पर अगले चरण की पाबंदियां लागू की जा सकती हैं।

  • GRAP-1: AQI 201 से 300 के बीच होने पर। यह खराब श्रेणी है।
  • GRAP-2: AQI 301 से 400 के बीच होने पर। यह बहुत खराब श्रेणी है।
  • GRAP-3: AQI 401 से 450 के बीच होने पर। यह गंभीर श्रेणी है।
  • GRAP-4: AQI 450 से ऊपर होने पर। इसे गंभीर प्लस श्रेणी कहा जाता है।

प्रदूषण का स्तर और मौसम का पूर्वानुमान देखकर आगे के कदम तय किए जाएंगे। GRAP-1 लागू होने का मतलब यह नहीं है कि सभी निजी गाड़ियों या हर तरह के निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पाबंदियां तय नियमों और संबंधित आदेशों के अनुसार लागू होंगी।