
नई दिल्ली: देश के प्रमुख शहरों के बीच रेल कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और गुवाहाटी जैसे महानगरों को जोड़ने वाले 7 हाई-डेंसिटी रेल नेटवर्क (HDN) कॉरिडोर को चार-लाइन (Quadrupling) बनाने की मंजूरी दे दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, लगभग 11,000 किलोमीटर लंबे ये कॉरिडोर भारतीय रेलवे के कुल ट्रैफिक का 40% हिस्सा संभालते हैं।
इस योजना के तहत दिल्ली-हावड़ा, मुंबई-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-गुवाहाटी, दिल्ली-चेन्नई, हावड़ा-चेन्नई और मुंबई-चेन्नई मार्गों का कायाकल्प किया जाएगा। इन व्यस्ततम रूटों पर अतिरिक्त लाइनें बिछने से ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारू होगी और भीड़भाड़ में भारी कमी आएगी। इससे कानपुर, प्रयागराज, नागपुर, वडोदरा, विशाखापट्टनम और पुणे जैसे देश के तमाम बड़े औद्योगिक केंद्र आपस में सीधे और तीव्र गति से जुड़ेंगे।
यह फैसला केवल यात्री सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को बदलने का एक ठोस प्रयास है। पटरियों की क्षमता बढ़ने से मालगाड़ियों की रफ्तार तेज होगी, जिससे परिवहन लागत घटेगी। हाल ही में कैबिनेट द्वारा ₹20,804 करोड़ की लागत वाले 1,196 किलोमीटर के 8 मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को दी गई मंजूरी भी इसी विजन का हिस्सा है। आने वाले वर्षों में यह इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार देश के आर्थिक विकास और निर्बाध रेल संचालन को एक नई दिशा देगा।





