
प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा: फ्रांस की सफल यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब अमेरिका पहुंच गए हैं। नीले आसमान, हल्की बारिश और लहराते तिरंगों के बीच जब उनका विमान उतरा, तो नजारा ऐसा था जैसे प्रकृति खुद उनके स्वागत में खड़ी हो। पीएम मोदी का यह दौरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी मुलाकात आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होगी। इससे पहले, ट्रंप इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिल चुके हैं। माना जा रहा है कि पीएम मोदी दक्षिण एशिया के पहले राष्ट्राध्यक्ष होंगे, जो ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उनसे मुलाकात करेंगे।
व्यापार, रक्षा और रणनीतिक सहयोग पर बातचीत
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक शांति प्रयास जारी हैं। पीएम मोदी अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान व्यापार, रक्षा, ऊर्जा सहयोग, एच1बी वीजा, आतंकवाद और भारत-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर ट्रंप से चर्चा करेंगे। इसके अलावा, अमेरिका में छिपे भारतीय अपराधियों को लेकर भी बातचीत हो सकती है।
जब पीएम मोदी वाशिंगटन पहुंचे, तो भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। ठंडी हवाओं और बारिश के बावजूद भारतीय प्रवासी उनकी झलक पाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक अतिथि गृह ब्लेयर हाउस में ठहरे हैं।
ट्रंप की टैरिफ नीति और भारत की चिंता
ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीतियों के कारण वैश्विक व्यापार में हलचल मची हुई है, और मोदी इस यात्रा के दौरान भारत पर किसी भी नकारात्मक प्रभाव को रोकने की कोशिश करेंगे। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 130 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, लेकिन ट्रंप के ऊंचे टैरिफ लगाने के फैसले से भारतीय कंपनियों पर असर पड़ सकता है। भारत, ट्रंप के पहले कार्यकाल की तुलना में अब अधिक संतुलित रुख अपनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
विशेष रूप से, अमेरिका द्वारा 104 भारतीयों को हिरासत में लेकर बेड़ियों में जकड़कर भारत भेजे जाने की घटना से भारत में नाराजगी है। यह मामला भी मोदी-ट्रंप वार्ता में उठ सकता है।
हिंद-प्रशांत, यूक्रेन और पुतिन पर चर्चा संभव
भारत-अमेरिका सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र, पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे अहम रणनीतिक मुद्दों पर भी केंद्रित होगा। ट्रंप चाहेंगे कि पीएम मोदी अपने करीबी मित्र रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत कर युद्ध समाप्त करने के प्रयासों में सहयोग दें। इससे पहले, 27 जनवरी को मोदी और ट्रंप के बीच फोन पर वार्ता हुई थी, जिसमें ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया था।
इस बैठक से दुनिया को क्या संकेत मिलते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। मोदी और ट्रंप की दोस्ती पहले भी चर्चा में रही है, और “हाउडी मोदी” जैसे कार्यक्रमों में उनकी मजबूत केमिस्ट्री देखने को मिली थी। ऐसे में इस मुलाकात पर दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं।







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