लखनऊ: योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में श्रमिकों (लेबर) से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को उनके तत्काल समाधान के निर्देश दिए हैं। सरकार ने साफ किया है कि श्रमिकों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रमिकों को उनके अधिकारों का पूरा लाभ मिले और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए। उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए उनके हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें समय पर वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिलती रहें।

सरकार ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और जमीनी स्तर पर समस्याओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान करने को कहा है। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि श्रमिकों से जुड़ी योजनाएं सही तरीके से लागू हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कहीं से शिकायत आती है या समाधान में देरी होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करना है ताकि श्रमिकों को वास्तविक लाभ मिल सके।

इस पहल को प्रदेश में श्रमिकों की स्थिति सुधारने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।