New Delhi: देश में रसोई गैस (LPG) की सप्लाई को बेहतर बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने एस्मा (ESMA) लागू कर दिया है। इसका मतलब है कि अब तेल रिफाइनरियों को हर हाल में एलपीजी का उत्पादन बढ़ाना होगा। सरकार ने निर्देश दिया है कि प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे गैस बनाने वाले संसाधनों का इस्तेमाल अब पेट्रोकेमिकल उद्योगों के बजाय सीधे रसोई गैस बनाने में किया जाए।

यह कदम पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति को देखते हुए उठाया गया है, ताकि वैश्विक स्तर पर तेल-गैस की सप्लाई रुकने पर भी भारत के घरों में गैस की कमी न हो। सरकार की प्राथमिकता अब पाइप वाली गैस (PNG), गाड़ियों की सीएनजी और घर के सिलेंडरों तक गैस पहुंचाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस एहतियाती फैसले से आम जनता को भविष्य में किसी भी तरह की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।