नई दिल्ली: कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हुए वंदे मातरम् गायन को लेकर राजनीतिक विवाद अब कानूनी जांच तक पहुंच गया है। 15 अगस्त को नई दिल्ली स्थित AICC मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामने आए एक वीडियो को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत की गई है। शिकायत में वंदे मातरम् के गायन में कथित तौर पर व्यवधान डालने का आरोप लगाया गया है। दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

विवाद उस वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुआ, जिसमें वंदे मातरम् के गायन के दौरान सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बातचीत और कुछ इशारे करती दिखाई दे रही हैं। बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया कि इन इशारों के जरिए वंदे मातरम् का गायन रोकने की कोशिश की गई। वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोनिया गांधी लंबे समय से खड़े मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था को लेकर बात कर रही थीं। इसी वीडियो के आधार पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।

दिल्ली पुलिस के सेंट्रल जिले के DCP रोहित राजबीर सिंह ने 17 अगस्त को बताया कि 15 अगस्त को AICC मुख्यालय में वंदे मातरम् के दौरान हुई कथित घटना को लेकर मिली शिकायत की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। अभी पुलिस की ओर से राहुल गांधी या सोनिया गांधी को दोषी नहीं ठहराया गया है।

मामले का कानूनी पहलू इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 में हालिया संशोधन के बाद वंदे मातरम् को भी राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनी संरक्षण के दायरे में लाया गया है। इसके तहत जानबूझकर वंदे मातरम् के गायन को रोकना या उसके गायन में लगी सभा में व्यवधान डालना अपराध हो सकता है। पहली दोषसिद्धि पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है, जबकि दूसरी और उसके बाद की दोषसिद्धि पर कम से कम एक साल की जेल हो सकती है।

हालांकि, कानूनी तौर पर केवल किसी वीडियो में बातचीत करना, इशारा करना या असहज दिखाई देना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। पुलिस और अदालत को यह देखना होगा कि क्या संबंधित व्यक्ति ने वास्तव में जानबूझकर वंदे मातरम् के गायन को रोका या उसमें कानून में निर्धारित तरीके से व्यवधान डाला। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि राहुल गांधी या सोनिया गांधी ने कोई अपराध किया है। मामला अभी शिकायत और पुलिस जांच के स्तर पर है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों तथा साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।