नई दिल्ली: आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को चौंकाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अब प्रबंधन शिक्षा का भी विषय बनने जा रहे हैं। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) इंदौर ने वैभव सूर्यवंशी की सफलता, नेतृत्व क्षमता, मानसिक मजबूती और उनके विकास के पीछे काम करने वाले विभिन्न कारकों पर एक विशेष अध्ययन शुरू करने का निर्णय लिया है।

महज 15 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए और टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाज बनकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसके अलावा उन्हें मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (एमवीपी), इमर्जिंग प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर और सुपर सिक्सेस जैसे कई प्रमुख पुरस्कार भी मिले।

वैभव ने इस सीजन में 72 छक्के लगाकर आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने इस मामले में वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया और ‘सिक्सर किंग’ के रूप में नई पहचान हासिल की।

आईआईएम इंदौर के शोधकर्ता इस अध्ययन में यह समझने की कोशिश करेंगे कि कम उम्र में असाधारण सफलता हासिल करने में परिवार, कोच, संस्थागत सहयोग, व्यक्तिगत अनुशासन और अनुकूल माहौल की क्या भूमिका रही। अध्ययन का उद्देश्य केवल क्रिकेट उपलब्धियों का विश्लेषण करना नहीं, बल्कि नेतृत्व विकास, प्रतिभा प्रबंधन और शुरुआती सफलता से जुड़ी चुनौतियों को भी समझना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी का सफर युवा खिलाड़ियों, अभिभावकों, कोचों और प्रबंधन के छात्रों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है। आईआईएम इंदौर का यह अध्ययन भविष्य में उभरती प्रतिभाओं को बेहतर तरीके से मार्गदर्शन देने में भी मददगार साबित हो सकता है।