नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में 174 यात्री सवार थे।

रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के बाद विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा और करीब 30 सेकंड में लगभग 14,000 फीट नीचे आ गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने अंदर पहुंचकर स्थिति को संभाला और सह-पायलट को काबू में किया। विमान में मौजूद अन्य फ्लाईदुबई पायलटों ने विमान को संभाला और तबुक में सुरक्षित लैंडिंग कराई।

सभी 174 यात्रियों को बाद में दूसरे विमान से तेल अवीव पहुंचाया गया। घटना के बाद कैप्टन स्मित को तबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज और सर्जरी हुई। उनकी हालत स्थिर बताई गई है। स्मित मछार ने जून 2022 में फ्लाईदुबई ज्वाइन किया था। इससे पहले वह स्पाइसजेट में भी काम कर चुके हैं।

घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मित मछार की पत्नी और उनके माता-पिता से फोन पर बात की। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर भी कैप्टन स्मित के साहस की सराहना की और कहा कि गंभीर खतरे और चोट के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया।

फ्लाईदुबई ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे कॉकपिट में हुई ‘झड़प’ बताया है। एयरलाइन के मुताबिक, विमान में मौजूद क्रू ने स्थिति को संभालते हुए विमान को सुरक्षित तबुक पहुंचाया। मामले की जांच जारी है। सऊदी अधिकारियों ने घटना में शामिल दूसरे पायलट को हिरासत में लिया है। इजरायली अधिकारियों और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की सराहना की है। घटना के पीछे की पूरी वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।