
नई दिल्ली: टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रचने के ठीक बाद, भारतीय क्रिकेट टीम को आयरलैंड के दौर पर एक ऐसा झटका लगा है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। बेलफास्ट में खेले गए दो मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया को मेजबान आयरलैंड के हाथों 0-2 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा। इस ऐतिहासिक हार के साथ ही भारत का लगातार 16 द्विपक्षीय टी20 सीरीज जीतने का अजेय रथ भी रुक गया। कप्तानी, बल्लेबाजी और सीनियर खिलाड़ियों के फ्लॉप शो ने इस सीरीज में भारतीय फैंस को बुरी तरह निराश किया। आइए नजर डालते हैं टीम इंडिया की इस शर्मनाक हार के उन 5 बड़े कारणों पर, जिन्होंने आयरलैंड को इतिहास रचने का मौका दे दिया।
1. श्रेयस अय्यर: न चली कप्तानी, न बोला बल्ला इस सीरीज में पहली बार भारतीय टी20 टीम की कमान संभालने वाले श्रेयस अय्यर के लिए यह दौरा किसी बुरे सपने जैसा रहा। बतौर कप्तान मैदान पर उनके फैसले और रणनीतियाँ पूरी तरह बेअसर दिखीं, तो वहीं बल्लेबाजी में भी उन्होंने घुटने टेक दिए। अय्यर दोनों मैचों में क्रमशः केवल 3 और 10 रन ही बना सके। कप्तानी के दबाव में उनकी खुद की बल्लेबाजी की धार गायब नजर आई, जिसका खामियाजा पूरी टीम को भुगतना पड़ा।
2. संजू सैमसन: ओपनिंग में फ्लॉप शो जारी सीनियर खिलाड़ी संजू सैमसन के पास इस सीरीज में खुद को साबित करने का बेहतरीन मौका था, लेकिन उन्होंने इसे पूरी तरह गंवा दिया। बतौर ओपनर टीम को तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी उन पर थी, लेकिन पहले मैच में वह सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए और दूसरे मुकाबले में तो खाता खोले बिना पहली ही गेंद पर बोल्ड हो गए। उनकी इस नाकामी ने पावरप्ले में ही टीम इंडिया को बैकफुट पर धकेल दिया।
3. ईशान किशन: आईपीएल वाली फॉर्म अंतरराष्ट्रीय मंच पर गायब आईपीएल में रनों का अंबार लगाने वाले ईशान किशन जब टीम इंडिया की जर्सी पहनकर उतरे, तो पुरानी लय पूरी तरह नदारद दिखी। पहले मैच में वह महज 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जबकि दूसरे मैच में 12 रन के निजी स्कोर पर लापरवाही का शिकार होकर रन आउट हो गए। ईशान के इस खराब फॉर्म की वजह से मिडिल ऑर्डर पर दबाव बढ़ता चला गया और टीम बड़ा स्कोर बनाने या चेज करने में नाकाम रही।
4. अक्षर पटेल: ऑलराउंडर के तौर पर बेअसर टीम के सबसे अनुभवी ऑलराउंडर अक्षर पटेल से उम्मीद थी कि वे अपने अनुभव से मैच का पासा पलटेंगे, लेकिन वे भी फीके साबित हुए। पहले मैच में दो विकेट चटकाने के बाद दूसरे मुकाबले में उनकी झोली खाली रही। वहीं बल्लेबाजी में भी संकट के समय उन्होंने टीम को निराश किया और दोनों मैचों में क्रमशः सिर्फ 15 और 14 रन ही बना सके। टीम को उनसे जिस मैच-विनिंग प्रदर्शन की उम्मीद थी, वह इस सीरीज में कहीं देखने को नहीं मिला।
5. तिलक वर्मा: टी20 के दौर में टेस्ट जैसी कछुआ चाल तिलक वर्मा ने दूसरे मैच में अर्धशतक जरूर जड़ा, लेकिन उनकी यह पारी फायदे से ज्यादा नुकसानदेह साबित हुई। उन्होंने 55 रन बनाने के लिए 46 गेंदें खेल डालीं, जो आज के टी20 क्रिकेट के लिहाज से बेहद धीमी है। इससे पहले मैच में भी उन्होंने 21 गेंदों पर सिर्फ 19 रन बनाए थे। रनों की रफ्तार धीमी होने के कारण अंतिम ओवरों में आने वाले बल्लेबाजों पर रन रेट का दबाव बढ़ गया, जिसने टीम इंडिया की लुटिया डुबोने में बची-कुची कसर पूरी कर दी।







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