नई दिल्ली: इंडिगो संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा है कि देश में ऐसे किसी भी कानून या नियम की आवश्यकता नहीं है जो जनता को परेशान करे। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि कानूनों का उद्देश्य जनता की सुविधा बढ़ाना, सिस्टम को आसान बनाना और सुशासन को मजबूत करना होना चाहिए।

हाल ही में इंडिगो एयरलाइन द्वारा बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द किए जाने से देशभर के यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा है। इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री ने संदेश दिया कि किसी भी व्यवस्था में सुधार का केंद्र बिंदु नागरिक होने चाहिए, न कि ऐसे नियम जो उन्हें और परेशान कर दें।

प्रधानमंत्री ने सांसदों और संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि भविष्य में बनाए जाने वाले सभी नियम और नीतियाँ पूरी तरह नागरिक-केंद्रित हों और किसी भी प्रकार से आम लोगों की यात्रा, सुविधाओं और दैनिक जीवन में बाधा न डालें।

सरकार की प्राथमिकता साफ है—व्यवस्था में सुधार, सेवाओं में पारदर्शिता और नागरिकों के लिए एक सुगम अनुभव सुनिश्चित करना।