
गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के तहत एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार 10 लाख नए युवा उद्यमियों को तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को दोहराते हुए कहा कि युवा देश की ऊर्जा हैं और उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने चाहिए। इसी उद्देश्य से डबल इंजन की भाजपा सरकार ने प्रदेश में इस अभियान को गति देने का निर्णय लिया है।
गुरुवार को बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गोरखपुर और बस्ती मंडल के 2500 लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया। साथ ही, वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के तहत 2100 प्रशिक्षार्थियों को टूलकिट प्रदान की गई। इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और कहा कि होली से पहले युवाओं को मिल रही यह सौगात उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना 24 जनवरी 2025 को यूपी के स्थापना दिवस पर शुरू की गई थी और केवल सवा महीने में ही इसकी लोकप्रियता चरम पर पहुंच गई है। अब तक 2.54 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि लक्ष्य केवल एक लाख उद्यमियों को जोड़ने का था। इनमें से एक लाख आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं, 24 हजार लाभार्थियों को 931 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है और 10,500 लाभार्थियों को 410 करोड़ रुपये का ऋण वितरित भी किया जा चुका है। गोरखपुर व बस्ती मंडल में 1440 लाभार्थियों को 67.14 करोड़ रुपये का ऋण पहले ही स्वीकृत किया जा चुका था, जबकि आज 2500 लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया।
सीएम योगी ने कहा कि भारत अब एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है और पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने जबरदस्त प्रगति की है। भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और इसका श्रेय युवाओं की ऊर्जा और मेहनत को जाता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सीएम युवा उद्यमी योजना के पोर्टल की शुरुआत उपराष्ट्रपति के हाथों कराई गई थी, जिसके तहत एक वर्ष में एक लाख नए उद्यमियों को बिना ब्याज के 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार 10% तक मार्जिन मनी भी प्रदान करेगी, और अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाओं व अति पिछड़ी जातियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब युवा सिर्फ नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बन रहे हैं। यूपी में 96 लाख एमएसएमई यूनिट हैं, जो कम से कम तीन करोड़ युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। हर यूनिट एक से दस लोगों को कार्य दे सकती है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
उन्होंने महाकुंभ का उदाहरण देते हुए बताया कि भाजपा सरकार ने जनता की आस्था का सम्मान करते हुए इसे आजीविका का माध्यम बनाया। 7500 करोड़ रुपये के निवेश से अर्थव्यवस्था में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रयागराज के नाविकों का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक परिवार की 130 नावों ने 45 दिनों में 30 करोड़ रुपये की कमाई की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लाभार्थी युवाओं को 5-5 लाख रुपये के चेक भी वितरित किए। लाभार्थियों ने कहा कि इस योजना से उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी और वे अपनी छोटी यूनिट में भी चार से अधिक लोगों को रोजगार देने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं को संदेश दिया कि यदि उनमें हौसला है तो वे खुद अपनी उड़ान भर सकते हैं और सरकार हर कदम पर उनका संबल बनने के लिए तैयार है।